विवाह या शादी का नाम सुनते ही आंखों के सामने रौनक सी छा जाती है हमारे देश में विवाह को किसी पर्व या त्योहार से कम महत्व नहीं दिया जाता।
लेकिन इससे हुआ क्या होना तो एक विवाह ही है न। विवाह में करोडों रुपए खर्च करे या ना करें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता कहते हैं रिश्ते ऊपर से बनकर आते हैं यहां तो सिर्फ हमें उसे जोड़ना होता है और उससे हम वचन से जोड़ सकते हैं फिर विवाहों में इतना दिखावा क्यों करोड़ों अरबों रुपए का खर्च करके हम क्या साबित करना चाहते हैं कि हम बहुत अमीर हैं और अमीरों को छोड़िए अमीरों के पास तो अनाप-शनाप पैसे होते हैं वह तो अपना पैसा पानी की तरह बहा सकते हैं परंतु इन अमीरों को देखकर एक गरीब आदमी जिसकी औकात इतनी नहीं होती कि वह विवाह में इतना खर्चा कर सके पर वह अमीर लोगों को देखकर कर्जा लेकर अपने पुत्र पुत्रियों की शादी करता है ओर कई बार तो इतना कर्जा ले लेता है कि आजीवन चुकता रहता है और कई मामले तो ऐसे भी सामने आए हैं कि विवाह में लिए गए कर्ज के कारण पिता ने आत्महत्या भी कर ली है क्या यह सही है विवाह में इतना खर्च करना सही है। क्या हम इस दिखावटी शादी करने के रिवाज को खत्म करके एक साधारण सी शादी करके अपना जीवन व्यतीत नहीं कर सकते।
इसमें दुनिया भर की रस्में की जाती है तथा इन पर पैसे भी बहुत ज्यादा खर्च किए जाते हैं 7-8 दिन तक घर में विवाह का उत्सव चलता है और उत्सव जितना बड़ा होता है उसमें खर्चा भी उतना ही अधिक होता है। आजकल तो विवाह में पैसे पानी की तरह बहाए जाते हैं जितना अमीर व्यक्ति होता है वह अपनी मान बड़ाई के लिए उतने ही ज्यादा रुपए विवाह में खर्च करता है जैसे अनिल अंबानी कि बच्चों की शादी में करोड़ों रुपए खर्च किए गए सोनम कपूर, दीपिका पादुकोण, विराट कोहली यह वह बड़ी-बड़ी हस्तियां है जिन्होंने अपनी शादी में अरबों रुपए तक खर्च किए किसी ने 70 लाख का लहंगा पहना तो किसी ने करोड़ों की ज्वेलरी पहनी किसी ने सजावट में ही लाखों रुपए बर्बाद कर दिए।
लेकिन इससे हुआ क्या होना तो एक विवाह ही है न। विवाह में करोडों रुपए खर्च करे या ना करें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता कहते हैं रिश्ते ऊपर से बनकर आते हैं यहां तो सिर्फ हमें उसे जोड़ना होता है और उससे हम वचन से जोड़ सकते हैं फिर विवाहों में इतना दिखावा क्यों करोड़ों अरबों रुपए का खर्च करके हम क्या साबित करना चाहते हैं कि हम बहुत अमीर हैं और अमीरों को छोड़िए अमीरों के पास तो अनाप-शनाप पैसे होते हैं वह तो अपना पैसा पानी की तरह बहा सकते हैं परंतु इन अमीरों को देखकर एक गरीब आदमी जिसकी औकात इतनी नहीं होती कि वह विवाह में इतना खर्चा कर सके पर वह अमीर लोगों को देखकर कर्जा लेकर अपने पुत्र पुत्रियों की शादी करता है ओर कई बार तो इतना कर्जा ले लेता है कि आजीवन चुकता रहता है और कई मामले तो ऐसे भी सामने आए हैं कि विवाह में लिए गए कर्ज के कारण पिता ने आत्महत्या भी कर ली है क्या यह सही है विवाह में इतना खर्च करना सही है। क्या हम इस दिखावटी शादी करने के रिवाज को खत्म करके एक साधारण सी शादी करके अपना जीवन व्यतीत नहीं कर सकते।
वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताए गए ज्ञान के अनुसार उनके शिष्य एक अनोखी शादी कर पूरे मानव समाज में एक मिसाल पेश कर रहे हैं उनके शिष्य मात्र 17 मिनट में होने वाली रमैंणी (गुरुवाणी) से विवाह करते हैं।
इस विवाह में किसी भी प्रकार का बाह्य आडंबर नहीं किया जाता है ना ही बहुत अधिक खर्चा किया जाता है कुछ पैसों में विवाह संपन्न हो जाता है। इस विवाह में ना महंगे महंगे कपड़े पहनने की जरूरत है ना बहुत अधिक गहनों की जरूरत है साधारण से कपड़े पहन कर विवाह संपन्न होता है। इसमें ना घोड़ी होती है ना बैंड होता है ना बाराती होते हैं और ना ही किसी प्रकार का नाच गाना किया जाता है बस साधारण तरीके से कुछ मेहमानों को बुलाकर मात्र 17 मिनट में गुरुवाणी के साथ विवाह संपन्न होता है जो कि इस लाखों करोड़ों रुपए बर्बाद करने वाले विवाहों से बहुत ही अच्छा है ।
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए
👉 साधना चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे।
👉श्रद्धा MH One पर प्रतिदिन 2:00-3:00बजे।
👉ईश्वर चैनल पर प्रतिदिन 8:00-9:00बजे।
संत रामपाल जी महाराज जी इस विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है अविलंब संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नाम दीक्षा लें और अपना जीवन सफल बनाएं।
अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट पर जाएं 👇
आध्यात्मिक ज्ञान की पुस्तक
✓जीने की राह या
✓ज्ञान गंगा
इनमें से कोई सी भी एक पुस्तक नि:शुल्क मंगवाने के लिए अभी आर्डर करें।
नोट: यह पुस्तक 25 से 30 दिन में आपके घर के पते पर पहुंचा दी जाएगी।
निःशुल्क पुस्तक आर्डर करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 👇
No comments:
Post a Comment